भ्रष्टाचार

दरोगा 1.5 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, पहले ले चुका था 50 हजार

दरोगा 1.5 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, पहले ले चुका था 50 हजार
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के हसनगंज कोतवाली क्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ा खुलासा किया है। एसीबी ने दरोगा बेचन यादव को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस मामले में पहले दरोगा ने प्रधान अभिषेक गौतम से 50 हजार रुपये घूस के रूप में ले चुका था और फिर अतिरिक्त डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहा था। प्रधान ने इसकी शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई।

दरोगा की गिरफ्तारी – एसीबी की तेज और प्रभावी कार्रवाई

एसीबी ने शुक्रवार रात को प्रधान अभिषेक गौतम की मदद से मोहान तिराहे पर एक जाल बिछाया और दरोगा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के दौरान एसीबी की 14 सदस्यीय टीम ने सटीक योजना बनाई और जैसे ही रिश्वत की रकम प्रधान ने दरोगा को सौंपी, टीम ने तुरंत दरोगा को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और उसे सोहरामऊ थाने ले जाकर जांच शुरू कर दी गई।

घूसखोरी की साजिश – आरोप और कार्रवाई

हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला द्वारा 18 दिसंबर 2024 को दर्ज कराई गई छेड़छाड़, मारपीट और अन्य धाराओं की रिपोर्ट की विवेचना दरोगा बेचन यादव को सौंपी गई थी। जांच के दौरान, दरोगा ने प्रधान अभिषेक गौतम को डराया-धमकाया और कहा कि उसका नाम भी इस मामले में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद दरोगा ने प्रधान से पहले 50 हजार रुपये घूस के रूप में लिए और फिर उससे डेढ़ लाख रुपये की और मांग की।

प्रधान की साहसिकता और एसीबी की तत्परता

प्रधान अभिषेक गौतम ने खुद को निर्दोष बताते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो से मदद मांगी और इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाया। एसीबी लखनऊ जोन के प्रभारी उदयराज निषाद ने पूरी रणनीति बनाई और दरोगा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का गुस्सा – सख्त कार्रवाई की आवश्यकता

इस घटना ने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोग इस प्रकार की रिश्वतखोरी को सरकारी सेवाओं की प्रतिष्ठा के लिए नुकसानदायक मानते हैं। हालांकि, इस कार्रवाई ने प्रधान की हिम्मत और एसीबी की तत्परता को सराहा गया है। अब लोगों का मानना है कि सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

भ्रष्टाचार की रोकथाम – सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत

यह मामला एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि रिश्वतखोरी जैसी घटनाओं पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सरकारी अधिकारियों को सख्त सजा मिलने से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश जाएगा और अन्य सरकारी कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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