भ्रष्टाचार

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, होटल से लेता था हर महीने 5 हजार

फरीदाबाद में एएसआई रिश्वत लेते गिरफ्तार
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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ बस अड्डा चौकी क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) जयवीर सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एएसआई पर आरोप है कि वह बल्लभगढ़ के महाराजा गेस्ट हाउस की महिला संचालिका से हर महीने 5 हजार रुपये की मंथली वसूलता था। हाल ही में उसने यह रकम 7 हजार रुपये कर दी, जिससे परेशान होकर महिला ने एसीबी से शिकायत की।


एसीबी की छापेमारी में रंगे हाथ गिरफ्तार

महिला की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने तत्काल कार्रवाई की और जाल बिछाकर आरोपी एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। महिला संचालिका ने बताया कि जयवीर सिंह पहले 5 हजार रुपये की मंथली लेता था, लेकिन अब उसने इसे 7 हजार रुपये कर दिया था। एसीबी की टीम ने होटल में छापेमारी की और रिश्वत लेते हुए एएसआई को पकड़ा।


महिला ने बताई आपबीती

संजय कॉलोनी, सेक्टर-23 की निवासी महिला ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि वह बल्लभगढ़ में महाराजा गेस्ट हाउस चलाती है। महिला ने कहा कि बस अड्डा चौकी में तैनात एएसआई जयवीर सिंह ने धमकी दी थी कि गेस्ट हाउस चलाना है तो हर महीने पैसे देने होंगे। डर और दबाव के कारण वह हर महीने उसे 5 हजार रुपये देती रही।

महिला ने बताया कि जब जयवीर ने रकम बढ़ाकर 7 हजार रुपये कर दी, तो उसने मजबूर होकर एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया। ब्यूरो की टीम ने योजना बनाकर महिला को गेस्ट हाउस में एएसआई को पैसे देने के लिए बुलाया। जैसे ही महिला ने पैसे दिए, एसीबी ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।


घूसखोरी का मामला दर्ज

एंटी करप्शन ब्यूरो ने जयवीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरीदाबाद में यह घटना सरकारी सेवकों की भ्रष्ट मानसिकता को उजागर करती है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले की जांच गहराई से की जा रही है।


भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की आवाज

इस घटना ने फरीदाबाद में सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को एक बार फिर उजागर किया है। होटल संचालिका की हिम्मत और एसीबी की तत्परता की सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आम जनता के विश्वास को चोट पहुंचाती हैं और सरकारी सेवाओं की साख पर सवाल खड़ा करती हैं।


भ्रष्टाचार पर सख्ती जरूरी

यह मामला इस बात का संकेत देता है कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की जा रही रिश्वतखोरी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे मामलों में दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले, ताकि अन्य अधिकारियों को भी कड़ा संदेश जाए।

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