17 जनवरी 2025: मध्य प्रदेश के सतना जिले में लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिरसिंहपुर तहसील के राजस्व निरीक्षक (आरआई) संजय सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई किसान रमेश पांडेय की शिकायत पर की गई, जिन्होंने आरोप लगाया था कि सीमांकन कार्य के बदले में आरआई ने 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग
पीड़ित किसान रमेश पांडेय ने शिकायत में बताया कि उनकी जमीन के सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक संजय सिंह ने 40 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, किसान ने पहले ही 26 हजार रुपये की पहली किस्त के रूप में दे दिए थे। इसके बावजूद अधिकारी द्वारा और 14 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
लोकायुक्त टीम की योजना और कार्रवाई
लोकायुक्त की रीवा इकाई ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और पहले शिकायत की सत्यता की जांच की। इसके बाद एक विशेष योजना के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जैसे ही पीड़ित किसान ने राजस्व निरीक्षक को पैसे दिए, लोकायुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस कार्रवाई पर ईओडब्ल्यू पुलिस अधीक्षक अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया, “यह एक गंभीर मामला है। किसान की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार किया गया है।”
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
यह घटना सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार की जड़ पर प्रहार करने का एक उदाहरण है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने न केवल पीड़ित किसान को न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है, बल्कि अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के लिए भी चेतावनी दी है।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। यह घटना सतना जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है, और लोगों ने लोकायुक्त टीम के इस साहसिक कदम की सराहना की है।
निष्कर्ष: सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वतखोरी जैसी घटनाएं आम आदमी के विश्वास को तोड़ती हैं। इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, बल्कि जनता को न्याय और पारदर्शिता का विश्वास भी मिलेगा।
